ट्रैफिक नियमों को आसान में लिया तो देना होगा Rs. जेल में 25 हजार का जुर्माना या 3 साल की कटौती

भारत में ट्रैफ़िक नियमों की घड़ियां देखने वालों की कमी नहीं है और ऐसे लोगों की एकल ठिकाने लगाने के लिए ट्रैफ़िक पुलिस को भारी जुर्माना लगता है। 2019 में ट्रैफिट के निशान भी बन गए। यदि आपको पता नहीं है, तो बता दें कि वर्तमान में सबसे महंगा ट्रैफ़िक अलर्ट 25,000 रुपये का है। इस मामले में जुर्माने की राशि के साथ-साथ जेल जाने की नौबत आ सकती है। इसके अलावा, सितंबर महीने की शुरुआत में सड़क दुर्घटना में टास्क संस के पूर्व अध्‍यक्ष साइसर मिस्‍त्री की मौत होने के बाद से कार की पिछली सीट पर बैठे लोगों के सीटबेल्‍ट नहीं लगाने पर जुर्माना लगाने की कार्रवाई को भी तेज कर दिया गया था। यदि आप जानना चाहते हैं कि इस समय देश में किसी संदेश का उल्लंघन करने पर कितने रुपये का जुर्माना लगाया जाता है, तो हम आपको यहां सभी जानकारियां देने वाले हैं।

साल 2019 में मोटर व्हीकल एक्ट में कुछ बहुत बड़े और सख्त बदलाव किए गए थे, जिसके तहत, ट्रैफिक पेनल्टी को 10 गुना बढ़ा दिया गया था। मैसेज और उसके उल्लंघन पर होने वाले अलर्ट की राशि की बात करें, तो देश में बिना ड्राइविंग लाइसेंस (DL) के ड्राइविंग करने के सबसे ज्यादा मामले सामने आते हैं। टू-व्हीलर और फोर-व्हीलर दोनों मामलों में यह गलती लोगों से हो जाती है। बता दें कि बिना वैध लाइसेंस के ड्राइव करने पर पहले 500 रुपये का अलर्ट होता था। मोटर व्हीकल ऐक्सेट में होने के बाद रकम की रकम को बढ़ाकर 5,000 रुपये कर दिया जाता है। साथ ही अगर आप बिना वैध लाइसेंस प्लेट के कोई वाहन चलाते हैं, तब भी जुर्माना 5 हजार रुपये है।

अगर आपकी कार की आरसी एक्सपायर हो गई है या आपके पास आपकी व्हीकल फिटनेस टेस्ट में फेल हो जाती है और उसका बावजूत आप अपने वाहन को सडक पर दौड़ा पकड़ लेते हैं, तो 10,000 रुपये का जुर्माना भरना पड़ रहा है। बता दें कि पहले यह फर्जी 500 रुपये था।

रैश और खतरनाक ड्राइविंग के मामलों में पहली बार पकड़े जाने पर 1,000 रुपये से लेकर 5,000 रुपये का जुर्माना और/या 6 महीने से 1 साल तक का रिकॉर्ड हो सकता है। ऐसा दूसरी बार करने पर 2 साल तक कैद और/या 10 हजार रुपये तक की पेनल्टी लग सकती है।

पहली बार नशे में गाड़ी दौड़ते पकड़े जाने पर 10,000 रुपये का अलर्ट होता है, दूसरी बार यह बरगद 15,000 रुपये हो जाता है, साथ ही 6 महीने से 2 साल तक की जेल भी हो सकती है।

गाड़ी में जरूरत से ज्यादा यात्री तो हर यात्री 1,000 रुपये का ओवरलोडिंग कर मालिक पर हो सकता है। पेलोड कैपिसिटी से ज्‍यादा गाड़ी लोड करने पर 20,000 रुपये का वोट हो सकता है।

ड्राइविंग करते हुए आपात महत्वपूर्ण को रास्‍ता नहीं देने पर 10,000 रुपये का अलर्ट और/या 6 महीने की रिकॉर्डिंग हो सकती है।

सबसे महंगा धोखा 25 हजार रुपये का है, जिसमें निहित नाबालिक वाहन से किसी भी नियम का उल्लंघन हुआ है चला जाता है, तो वाहन मालिक को 25,000 रुपये का जुर्माना भरना होगा और उसे 3 साल की जेल होगी।

कई बार एक ही वाहन पर कई चालान एक साथ लग जाते हैं और अरबों रुपये तक पहुंच जाते हैं। जनवरी 2020 में, एक पोर्श कार (पोर्श कार) के मालिक को ‘जरूरी डॉक्युमेंट्स नहीं होने’ के लिए 27.68 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया था। इससे पहले राजस्‍थान में रजिस्‍टर्ड एक वाहन पर दिल्‍ली की रोहिणी सर्कल पुलिस नेफ‍िक्‍चर का उल्लंघन करने के लिए 1,41,700 रुपये का जुर्माना लगाया था।

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